कंपाउंड इंटरेस्ट क्या है?
कंपाउंड इंटरेस्ट (चक्रवृद्धि ब्याज) वह ब्याज है जो न केवल आपके मूलधन (Principal) पर मिलता है, बल्कि पिछले समय में अर्जित ब्याज पर भी मिलता है। सरल शब्दों में, यह "ब्याज पर ब्याज" है।
यह लंबी अवधि में धन सृजन (Wealth Creation) का सबसे शक्तिशाली उपकरण है। जितना लंबा समय आप निवेशित रहेंगे, कंपाउंडिंग का प्रभाव उतना ही अधिक होगा।
कंपाउंडिंग आवृत्ति (Frequency) का महत्व
| आवृत्ति | n का मान | उदाहरण |
|---|---|---|
| वार्षिक (Yearly) | 1 | PPF, EPF |
| छमाही (Half-Yearly) | 2 | कॉर्पोरेट बॉन्ड |
| तिमाही (Quarterly) | 4 | बैंक FD |
| मासिक (Monthly) | 12 | सेविंग्स अकाउंट |
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कंपाउंड इंटरेस्ट का फॉर्मूला
चक्रवृद्धि ब्याज की गणना इस सूत्र से की जाती है:
- P: मूलधन (शुरुआती निवेश)
- r: वार्षिक ब्याज दर (दशमलव में)
- n: एक साल में ब्याज जुड़ने की आवृत्ति
- t: समय (वर्षों में)