क्रेडिट स्कोर क्या है?
आपका क्रेडिट स्कोर (जिसे भारत में अक्सर CIBIL स्कोर कहा जाता है) 300 से 900 के बीच की एक संख्या है जो आपकी साख (Creditworthiness) को दर्शाती है।
बैंक और लोन देने वाली संस्थाएं इसका उपयोग यह तय करने के लिए करती हैं कि आपको लोन देना जोखिम भरा है या नहीं। सबसे कम ब्याज दरों पर लोन पाने के लिए आमतौर पर 750+ स्कोर अच्छा माना जाता है।
क्रेडिट स्कोर रेंज (Score Ranges)
| स्कोर रेंज | रेटिंग | लोन मिलने की संभावना |
|---|---|---|
| 750 - 900 | उत्कृष्ट (Excellent) | आसानी से मंजूरी, सबसे कम ब्याज दरें |
| 700 - 749 | अच्छा (Good) | अच्छी संभावना, मानक दरें |
| 650 - 699 | औसत (Average) | मुश्किल मंजूरी, उच्च ब्याज दर |
| 300 - 649 | खराब (Poor) | लोन मिलना बहुत मुश्किल |
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क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले 5 कारक
- भुगतान इतिहास (35%): सबसे महत्वपूर्ण। एक भी किस्त चूकने पर स्कोर तेजी से गिरता है।
- क्रेडिट उपयोग (30%): अपनी लिमिट का 30% से ज्यादा उपयोग करना क्रेडिट भूख का संकेत है।
- क्रेडिट आयु (15%): पुराने खाते स्कोर बढ़ाते हैं। पुराना कार्ड बंद न करें।
- क्रेडिट मिश्रण (10%): सिक्योर्ड (होम लोन) और अनसिक्योर्ड (क्रेडिट कार्ड) लोन का संतुलन अच्छा होता है।
- नई पूछताछ (10%): बहुत कम समय में कई लोन अप्लाई करना स्कोर घटाता है।
सॉफ्ट बनाम हार्ड इंक्वायरी (Inquiry)
| विशेषता | सॉफ्ट इंक्वायरी | हार्ड इंक्वायरी |
|---|---|---|
| कौन करता है? | आप खुद या एम्प्लॉयर | बैंक या लोन देने वाली संस्था |
| उद्देश्य | जानकारी के लिए | लोन एप्लीकेशन के लिए |
| स्कोर पर असर | कोई असर नहीं | थोड़ा कम हो सकता है |
क्रेडिट स्कोर की गणना कैसे होती है?
हालाँकि सटीक एल्गोरिदम गुप्त होता है, लेकिन मोटे तौर पर भार (Weightage) इस प्रकार है:
- P: भुगतान इतिहास (Payment History)
- U: क्रेडिट उपयोग (Utilization)
- A: क्रेडिट इतिहास की उम्र (Age)
- M: क्रेडिट मिश्रण (Mix)
- N: नई पूछताछ (New Inquiries)