कैपिटल गेन (Capital Gains) क्या है?
कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) वह टैक्स है जो आप किसी एसेट (जैसे शेयर, म्यूचुअल फंड, या प्रॉपर्टी) को बेचने से हुए मुनाफे (Profit) पर देते हैं। अगर आप किसी एसेट को कम समय के लिए होल्ड करते हैं, तो उस मुनाफे पर शॉर्ट-टर्म (STCG) के रूप में अधिक टैक्स लगता है। वहीं, लंबे समय तक होल्ड करने पर यह लॉन्ग-टर्म (LTCG) माना जाता है, जिस पर टैक्स की दर कम होती है और कुछ छूट भी मिलती है। अपने निवेश की सुरक्षित निकासी (Withdrawal) की योजना बनाने के लिए इस कैलकुलेटर के साथ हमारे SWP कैलकुलेटर का उपयोग करें।
लेटेस्ट बजट 2026 नियम (Latest Rules)
हाल ही के यूनियन बजट (Union Budget) में कैपिटल गेन टैक्स नियमों को सरल बनाने के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं:
- Equity STCG: इसे 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है।
- Equity LTCG: इसे 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है। हालांकि, प्रति वर्ष टैक्स-फ्री छूट की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.25 लाख कर दी गई है।
- प्रॉपर्टी (Real Estate) LTCG: इंडेक्सेशन (Indexation) का लाभ हटा दिया गया है। प्रॉपर्टी पर अब फ्लैट 12.5% LTCG लगता है।
- डेट फंड्स (Debt Funds): अप्रैल 2023 के बाद किए गए निवेश पर आपकी स्लैब दर (Slab Rate) के अनुसार टैक्स लगेगा (LTCG का कोई लाभ नहीं)।
होल्डिंग अवधि (Holding Period) चीट शीट
| एसेट क्लास (Asset) | शॉर्ट टर्म (STCG) | लॉन्ग टर्म (LTCG) |
|---|---|---|
| इक्विटी / म्यूचुअल फंड्स | 12 महीने या कम → 20% | 12 महीने से अधिक → 12.5% (₹1.25L छूट के बाद) |
| रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी) | 24 महीने या कम → स्लैब रेट | 24 महीने से अधिक → 12.5% (बिना इंडेक्सेशन) |
| डेट फंड्स (Debt Funds) | आपकी इनकम टैक्स स्लैब दर पर टैक्स लगता है (LTCG का कोई लाभ नहीं) | |