1. आपका वर्तमान लोन (Current Loan)

2. आपकी प्रीपेमेंट रणनीति

आपकी कुल बचत (You Will Save)

₹10,91,420

ब्याज (Interest) में + 2 वर्ष, 8 महीने लोन अवधि (Tenure) में

मूल कुल ब्याज (Original Interest)₹38,62,656
प्रीपेमेंट के बाद नया ब्याज (New Interest)₹27,71,237
बचाया गया ब्याज (Interest Saved)₹10,91,420

पार्ट-पेमेंट (Part-Payment) कैसे काम करता है?

EMI प्रीपेमेंट (Part-Payment) वह प्रक्रिया है जिसमें आप अपनी नियमित मासिक EMI के अलावा अपने लोन खाते में कुछ अतिरिक्त राशि जमा करते हैं। चूंकि भारत में होम लोन (Home Loan) और पर्सनल लोन ब्याज की गणना "रेड्यूसिंग बैलेंस (Reducing Balance)" विधि पर करते हैं, इसलिए आपके द्वारा दिया गया कोई भी अतिरिक्त पैसा सीधे आपके मूलधन (Principal Amount) को कम करने में जाता है। इससे कंपाउंडिंग का उल्टा असर होता है (Reverse Compounding), जिससे बैंक को दिया जाने वाला कुल ब्याज बहुत कम हो जाता है और आपके लोन की अवधि (Tenure) भी घट जाती है।

सर्वश्रेष्ठ प्रीपेमेंट रणनीतियाँ (Best Strategies)

जल्दी कर्ज मुक्त (Debt Free) होने के दो सबसे प्रभावी तरीके यहाँ दिए गए हैं:

  • 1. वार्षिक एकमुश्त (Annual Lumpsum) रणनीति: यदि आपको सालाना बोनस मिलता है या आप कोई संपत्ति बेचते हैं, तो साल में एक बार अपने लोन में एकमुश्त राशि (जैसे, ₹1 लाख या ₹2 लाख) डालने से EMIs के कई साल कम हो सकते हैं।
  • 2. EMI स्टेप-अप (Step-Up) रणनीति: जैसे-जैसे हर साल आपकी सैलरी बढ़ती है, स्वेच्छा से अपनी EMI 5% से 10% बढ़ा दें। 20 साल के होम लोन पर हर महीने दी जाने वाली ₹2,000 की अतिरिक्त राशि भी आपके लाखों रुपये के ब्याज को बचा सकती है।
  • Pro Tip: हमारा कैलकुलेटर आपको अपनी कुल बचत देखने के लिए दोनों रणनीतियों को एक साथ (Lumpsum + Extra EMI) मिलाने की सुविधा देता है।

गोल्डन रूल: शुरुआत में प्रीपेमेंट करें (Do It Early)

EMI शेड्यूल में, शुरुआती वर्षों में ब्याज का हिस्सा सबसे अधिक होता है। उदाहरण के लिए, 20 साल के होम लोन में, पहले 5 वर्षों में आपकी EMI का लगभग 70% हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में जाता है। इसलिए शुरुआत में दिया गया 1 लाख रुपये बहुत अधिक ब्याज बचाता है।

प्रीपेमेंट का समय (₹1 लाख)ब्याज की बचत*लोन अवधि कम हुई*
पहले साल के अंत में₹ 3,98,0009 महीने
5वें साल के अंत में₹ 2,40,0007 महीने
10वें साल के अंत में₹ 1,15,0005 महीने
*यह ₹50 लाख के लोन (8.5% दर, 20 वर्ष) का एक अनुमान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

हमेशा लोन की अवधि (Tenure) कम करने का विकल्प चुनें (EMI को समान रखें)। अवधि कम करने से आपके ब्याज की अधिकतम बचत होती है। यदि आप अपनी EMI कम करना चुनते हैं, तो आपको हर महीने तत्काल नकद राहत मिलेगी, लेकिन लंबे समय में आप बैंक को काफी अधिक ब्याज चुकाएंगे।

Nitin Kaushik
Founder & Editor-in-Chief, Fincado
Reviewed

Nitin researches and writes all financial guides on Fincado, cross-checking figures against RBI circulars, official bank disclosures, and the Income Tax Act. Content on this site is independent analysis — not personalized financial advice.

Last Reviewed

Jun 2026

Method

Source cross-check and periodic QA

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