Credit Score कैसे बढ़ाएं? 750+ Score पाने के 10 आसान तरीके
Credit Score आपके पूरे फाइनेंशियल जीवन का आधार है – इससे तय होता है कि आपको लोन आसानी से, सस्ते ब्याज पर मिलेगा या बार‑बार रिजेक्ट होगा। इस गाइड में क्रेडिट स्कोर को बहुत आसान हिंदी में और पूरी तरह प्रैक्टिकल तरीके से समझाया गया है।
1. Credit Score क्या होता है?
क्रेडिट स्कोर एक 3‑digit number होता है जो यह बताता है कि आप उधार लिया हुआ पैसा कितनी जिम्मेदारी से वापस करते हैं।
- भारत में क्रेडिट स्कोर की रेंज आम तौर पर 300 से 900 के बीच होती है।
- जितना ज़्यादा स्कोर, उतना ज़्यादा भरोसा बैंक और लेंडर को आप पर होता है।
भारत में चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो हैं:
ये कंपनियां आपके लोन, क्रेडिट कार्ड और EMI पेमेंट हिस्ट्री का डेटा कलेक्ट करके आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर बनाती हैं।
2. अच्छा Credit Score कितना होना चाहिए?
सिर्फ "अच्छा score होना चाहिए" कहना काफी नहीं है, range साफ समझना ज़रूरी है:
| Score Range | Rating |
|---|---|
| 750 - 900 | Excellent |
| 700 - 749 | Good |
| 650 - 699 | Average |
| < 650 | Poor |
3. Credit Score क्यों गिरता है? (सबसे ज़रूरी सेक्शन)
क्रेडिट स्कोर अचानक नहीं गिरता, ये कुछ नियमित आदतों का नतीजा होता है:

Infographic: क्रेडिट स्कोर प्रभावित करने वाले 5 मुख्य कारक
EMI Late Payment
लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल की due date मिस होना। कुछ दिन भी लेट होने पर 'delayed payment' रिपोर्ट हो जाता है।
High Credit Utilization
अगर आप हर महीने अपनी लिमिट का 80–90% या पूरा 100% यूज कर रहे हैं, तो यह lenders को risky लगता है। (Ideal: < 30%)
Too Many Inquiries
बार‑बार Loan या Card Apply करना: हर बार जब बैंक आपका स्कोर चेक करता है (hard inquiry), तो छोटे‑छोटे पॉइंट्स कम हो सकते हैं।
Minimum Due Trap
क्रेडिट कार्ड पर सिर्फ 'minimum due' भरते रहना। इससे प्रिंसिपल कम नहीं होता, ब्याज बढ़ता है, और स्कोर खराब होता है।
Unpaid Loans / Write-off
कोई पुराना लोन जिस पर पेमेंट बंद कर दिया हो। Settlement या Write-off जैसे रिमार्क्स रिपोर्ट में बहुत निगेटिव माने जाते हैं।
4. Credit Score बढ़ाने के 7 पक्के तरीके
नीचे दिए गए steps लगातार follow करें तो धीरे‑धीरे score improve होना almost निश्चित है:
EMI और Credit Card dues समय पर भरें
Auto-debit या Standing Instruction लगाएँ। एक भी किश्त मिस न होने दें।
Credit card utilization 30% से कम रखें
अगर लिमिट ₹1,00,000 है, तो ideally ₹30,000 तक का ही use करें।
Multiple loans एक साथ न लें
पर्सनल लोन, बाइक लोन, कार्ड EMI – सब मिलकर debt burden बढ़ाते हैं। एक लोन संभल जाए, फिर नया सोचें।
Old credit cards बंद न करें
पुराने कार्ड आपके क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र बढ़ाते हैं। पुराना क्लीन ट्रैक रिकॉर्ड स्कोर के लिए पॉजिटिव होता है।
Credit report में गलती check करें
साल में 1–2 बार रिपोर्ट निकालें। गलत एंट्री या डुप्लीकेट लोन दिखे तो डिस्प्यूट करें।
Minimum due से बचें
हमेशा पूरा बिल अमाउंट भरें। मिनिमम अमाउंट सिर्फ इमरजेंसी में ही विकल्प होना चाहिए।
Secured + Unsecured mix रखें
सिर्फ पर्सनल लोन (unsecured) ही न हो। होम लोन या कार लोन (secured) भी मिक्स में होने से प्रोफाइल हेल्दी दिखती है।
5. 90 दिनों में Credit Score कैसे बढ़ाएं? (Practical Plan)
कोई magic नहीं है जो 90 दिन में 600 से 800 कर दे – लेकिन सही steps से साफ improvement दिखने लगता है।
Overdue clear करें और Credit Utilization कम करें। एक्स्ट्रा पेमेंट करके आउटस्टैंडिंग कम करें।
No new loans. कोई नया लोन अप्लाई न करें। हर ड्यू डेट से पहले पेमेंट क्लियर कर दें।
लगातार तीन महीने समय पर पेमेंट और कम यूटिलाइजेशन से ब्यूरो की नजर में पॉजिटिव सिग्नल जाता है।
*Realistic expectation: 90 दिनों में dramatic jump की बजाय gradual सुधार की सोच रखें। Strong improvement आमतौर पर 3–12 महीने की consistent habit से आता है।
6. Credit Card का सही इस्तेमाल कैसे करें?
- 1–2 cards enough हैं: बहुत सारे कार्ड्स से ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है।
- EMI conversion सावधानी से करें: हर छोटे खर्च को EMI में न बदलें।
- Cash withdrawal avoid करें: ATM से कैश निकालना सबसे महंगा होता है।
- Billing cycle समझें: स्टेटमेंट डेट और ड्यू डेट जानकर स्मार्ट खर्च करें।
7. Credit Score और Loan Interest का relation
High credit score सिर्फ approval आसान नहीं बनाता, वह आपको लाखों रुपये की saving भी दिला सकता है।
1% Interest Difference कितना महंगा होता है?
मान लीजिए: Loan amount: ₹20,00,000 (15 साल के लिए)
Difference: ~ ₹1,300 प्रति महीना
15 साल में Extra Payment: ₹2,34,000
8. Credit Score check करने से score गिरता है?
यह बहुत common confusion है।
NO Impact: जब आप खुद किसी ऐप/वेबसाइट से अपना स्कोर देखते हैं, तो इसे सॉफ्ट इंक्वायरी कहा जाता है। इससे स्कोर कम नहीं होता।
Low Impact: जब आप लोन या कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं और बैंक चेक करता है। बहुत सारी इंक्वायरीज से पॉइंट्स कम हो सकते हैं。
9. Credit Score improve होने में कितना time लगता है?
10. Credit Score improve करने में common mistakes
- ❌Fake apps और scams: 'Guaranteed 800+ score' का दावा करने वाले फ्रॉड हो सकते हैं。
- ❌Credit repair scams: हाई फीस लेकर झूठे वादे करने वाली एजेंसीज से बचें。
- ❌पुराने accounts तुरंत बंद करना: इससे क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो जाती है।
- ❌Too many enquiries: हर WhatsApp/SMS ऑफर पर क्लिक करके लोन अप्लाई करना।
11. FAQs (Hindi)
12. निष्कर्ष: Credit Score – आपकी Financial Life की नींव
क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक नंबर नहीं, आपकी financial reputation है। अच्छा स्कोर आपको आसान अप्रूवल और सस्ता लोन दिलाता है, जबकि खराब स्कोर महंगे ब्याज का कारण बनता है।
"EMI टाइम पर भरें, यूटिलाइजेशन कम रखें और बेवजह लोन से बचें। स्कोर धीरे‑धीरे बनता है, 6–12 महीने की अच्छी आदतें किसी भी मैजिक ट्रिक से ज़्यादा पावरफुल हैं।"
Fincado Research Team
Fact CheckedOur analysis is built on deep-dive research into RBI Benchmarks and lender-specific disclosures. We verify every interest rate and fee structure against real-world borrower approvals to ensure the highest level of accuracy for Indian home buyers.