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Gold Investment

Sovereign Gold Bonds (SGB) Guide: ब्याज, टैक्स और रिडेम्पशन

Last Updated: Dec 20258 Min ReadRBI Regulated
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Sovereign Gold Bonds (SGB) भारत सरकार और RBI द्वारा जारी किया गया एक अनोखा डिजिटल गोल्ड निवेश विकल्प है। यह आपको सोने की कीमतों का फायदा तो देता ही है, साथ ही 2.5% तक अतिरिक्त ब्याज, टैक्स बेनिफिट और पूरी तरह सरकारी सुरक्षा भी प्रदान करता है।

Sovereign Gold Bond Concept: Gold + Interest

SGB = सोने का भाव + 2.5% सालाना ब्याज (Dual Benefit)


1. Sovereign Gold Bonds क्या हैं?

SGB एक सरकारी सिक्योरिटी (Government Security) है जिसकी वैल्यू सोने (Gold) के भाव से जुड़ी होती है। इसे RBI भारत सरकार की ओर से जारी करता है।

  • 1 यूनिट SGB = 1 ग्राम (999 शुद्धता वाला) सोना।
  • आप इसमें डीमैट फॉर्म या फिजिकल सर्टिफिकेट के रूप में निवेश कर सकते हैं।
मुख्य हाइलाइट्स (Key Features)
समर्थन: भारत सरकार (Sovereign Guarantee)
ब्याज: 2.5% सालाना (फिक्स्ड)
अवधि: 8 साल (5 साल बाद निकलने का विकल्प)
रिडेम्पशन: मैच्योरिटी पर पैसा सीधे बैंक खाते में

2. SGB क्यों बेहतर है Physical Gold से?

फिजिकल गोल्ड (जेवर, सिक्के) खरीदने में मेकिंग चार्ज और सुरक्षा की चिंता होती है। SGB इन सभी समस्याओं का समाधान है।

1. 2.5% अतिरिक्त ब्याज (Extra Interest)

फिजिकल गोल्ड सिर्फ भाव बढ़ने पर फायदा देता है। लेकिन SGB में आपको सोने के भाव के अलावा हर साल 2.5% ब्याज भी मिलता है।

2. कोई मेकिंग चार्ज नहीं, कोई चोरी का डर नहीं
  • जेवर खरीदने पर 10-20% मेकिंग चार्ज लगता है, जो निवेश के लिहाज से घाटा है। SGB में 0% मेकिंग चार्ज है。
  • SGB डिजिटल फॉर्मेट में होता है (RBI की किताबों में या डीमैट में), इसलिए चोरी या शुद्धता की कोई चिंता नहीं。

3. टैक्स बेनिफिट्स (Tax on SGB)

SGB का सबसे बड़ा फायदा इसका टैक्स स्ट्रक्चर है, खासकर मैच्योरिटी पर。

मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री

अगर आप SGB को पूरे 8 साल (मैच्योरिटी) तक होल्ड करते हैं, तो सोने का भाव बढ़ने से हुआ पूरा मुनाफा (Capital Gain) 100% टैक्स फ्री होता है।

ब्याज पर टैक्स

जो 2.5% सालाना ब्याज मिलता है, वह आपकी इनकम में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है。

SGB Tax Benefits Explained Chart

चार्ट: SGB पर टैक्स के नियम (ब्याज vs मैच्योरिटी)

4. SGB कैसे खरीदें? (Online & Offline)

SGB की नई सीरीज़ RBI द्वारा समय-समय पर (Tranches में) जारी की जाती है。

Bank (Net Banking)

SBI, HDFC, ICICI, Axis आदि की वेबसाइट से।

Stock Broker (Demat)

Zerodha, Upstox, Groww आदि के गोल्ड बॉन्ड सेक्शन से।

Post Office

फॉर्म भरकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन खरीदने पर डिस्काउंट

आमतौर पर, अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करते हैं और डिजिटल पेमेंट करते हैं, तो सरकार प्रति ग्राम ₹50 की छूट देती है।

सेकेंडरी मार्केट (Stock Exchange)

अगर कोई नई सीरीज़ नहीं खुली है, तो आप शेयर बाजार (NSE/BSE) से पुराने लिस्टेड SGB यूनिट्स भी खरीद सकते हैं। इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है।

5. पैसे कब निकाल सकते हैं? (Premature Exit)

SGB का कार्यकाल 8 साल का है, लेकिन निकलने के विकल्प मौजूद हैं:

विकल्पकब संभव है?शर्तें
मैच्योरिटी (Maturity)8 साल बादऑटोमैटिक रिडेम्पशन, टैक्स फ्री।
RBI विंडो (Early Exit)5 साल बादब्याज भुगतान की तारीखों पर रिडीम कर सकते हैं。
स्टॉक एक्सचेंज (Sell)कभी भीडीमैट खाता जरूरी, लिक्विडिटी कम हो सकती है。

6. SGB vs Physical Gold vs ETF – किसे चुनें?

फीचरSovereign Gold BondPhysical GoldGold ETF
ब्याज2.5% सालानाकुछ नहींकुछ नहीं
सुरक्षासरकारी गारंटीखुद रखनी पड़ती हैडिजिटल (डीमैट)
मेकिंग चार्ज0%8–25%0% (ब्रोकरेज)
टैक्स (मैच्योरिटी)Tax FreeTaxableTaxable

7. सामान्य प्रश्न (FAQs)

निष्कर्ष: SGB – गोल्ड + ब्याज का स्मार्ट कॉम्बो

अगर आप सोने को सिर्फ पहनने के लिए नहीं, बल्कि निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो Sovereign Gold Bond सबसे बेहतरीन विकल्प है।

  • फिजिकल गोल्ड की तरह भाव बढ़ने का फायदा।
  • ऊपर से 2.5% का फिक्स्ड ब्याज।
  • 8 साल बाद टैक्स फ्री रिटर्न।
  • चोरी या मेकिंग चार्ज की कोई चिंता नहीं।

स्मार्ट निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा गोल्ड में रखते हैं, और उसके लिए SGB पहली पसंद होनी चाहिए।

Nitin Kaushik
Founder & Editor-in-Chief, Fincado
Reviewed

Nitin researches and writes all financial guides on Fincado, cross-checking figures against RBI circulars, official bank disclosures, and the Income Tax Act. Content on this site is independent analysis — not personalized financial advice.

Last Reviewed

Jun 2026

Method

Source cross-check and periodic QA

Risk Notice

Actual outcomes can vary by borrower profile, bank policy, market conditions, and future rule changes. Validate important decisions with a certified professional.

अस्वीकरण: Sovereign Gold Bond भारत सरकार की योजना है और इसके नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। निवेश करने से पहले कृपया RBI की आधिकारिक अधिसूचना या अपने बैंक से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं।