नए रिजीम का लाभ
स्टैंडर्ड डिडक्शन
₹75,000
टैक्स फ्री लिमिट
यहाँ तक कोई टैक्स नहीं
₹7.75L
EPF योगदान
कंपनी + कर्मचारी
24% (Basic का)

HRA गणना को प्रभावित करता है (Basic का 50% बनाम 40%)

ज्यादातर राज्यों में ₹200/महीना कटता है

महीने की इन-हैंड (Take Home) सैलरी

₹87,800

कमाई (Earnings)

बेसिक सैलरी (Basic)₹50,000
हाउस रेंट अलाउंस (HRA)₹25,000
स्पेशल अलाउंस (Special)₹19,000
ग्रॉस सैलरी (Gross)₹94,000

कटौती (Deductions)

आपका PF योगदान (Basic का 12%)-₹6,000
प्रोफेशनल टैक्स (PT)-₹200
इनकम टैक्स (अनुमानित नया रिजीम)-₹0
कुल कटौती (Total Deductions)-₹6,200
नोट: Employer PF (₹6,000) आपके CTC का हिस्सा है लेकिन यह आपको नकद नहीं मिलता है। टैक्स की गणना नए (New) रिजीम के अनुसार की गई है, जिसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल है।
इन-हैंड (In-Hand) सैलरी की गणना कैसे की जाती है?
CTC को नेट टेक-होम सैलरी में बदलने के फॉर्मूले में कंपनी द्वारा दिए गए लाभों और आपके व्यक्तिगत टैक्स को हटाना शामिल है:
ग्रॉस सैलरी (Gross) = CTC − Employer PF − ग्रेच्युटी
इन-हैंड सैलरी = ग्रॉस सैलरी − Employee PF − इनकम टैक्स (TDS) − प्रोफेशनल टैक्स

💡सैलरी के हिस्सों को समझें

  • Employer PF: बेसिक का 12%। यह आपके CTC का हिस्सा है लेकिन यह सीधे आपके रिटायरमेंट फंड में जाता है, आपके बैंक खाते में नहीं।
  • Employee PF: बेसिक का अन्य 12% जो आपकी ग्रॉस सैलरी से काटा जाता है।
  • TDS (Tax Deducted at Source): आपका HR विभाग आपकी अनुमानित वार्षिक टैक्स देनदारी की गणना करता है और हर महीने आपकी सैलरी से एक हिस्सा काट लेता है।
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CTC क्या होता है?

CTC (Cost to Company) वह कुल राशि है जो कोई कंपनी एक वर्ष में आप पर खर्च करती है, लेकिन यह वह राशि नहीं है जो आपके बैंक खाते में आती है। आपकी इन-हैंड (Take-Home) सैलरी आपके ग्रॉस सैलरी से कंपनी के योगदान (जैसे Employer PF और ग्रेच्युटी) को घटाने के बाद बनती है, और फिर उसमें से आपके व्यक्तिगत टैक्स (TDS, प्रोफेशनल टैक्स) और Employee PF को काटा जाता है। अपनी टेक-होम सैलरी को बढ़ाने के लिए हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर का उपयोग करके अपनी टैक्स देनदारी (Tax Liability) की तुलना करें।

यह कैलकुलेटर कैसे मदद करता है?

यह कैलकुलेटर आपके जॉब ऑफर लेटर (Job Offer Letter) को सही से समझने में मदद करता है। अपनी सटीक मासिक टेक-होम सैलरी जानकर, आप अपने घर के किराए का बजट बना सकते हैं, हमारे EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके अपने लोन की योजना बना सकते हैं, और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि नौकरी बदलते समय आप सही CTC की मांग कर रहे हैं।

सामान्य सैलरी ब्रेकअप (CTC के % के रूप में)

सैलरी का हिस्सा (Component)CTC का प्रतिशतउद्देश्य (Purpose)
बेसिक सैलरी (Basic)40–50%मूल वेतन, PF और HRA की गणना के लिए
HRA15–25%हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance)
स्पेशल अलाउंस10–20%बैलेंसिंग अमाउंट (Flexible component)
Employer PFबेसिक का 12%कंपनी द्वारा रिटायरमेंट फंड में योगदान
ग्रेच्युटी (Gratuity)4.81%लॉन्ग-टर्म कंपनी छोड़ने पर मिलने वाला लाभ

नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) स्लैब 2026

टैक्सेबल इनकम (Taxable Income)टैक्स दर (Rate)
₹0 – ₹3,00,0000%
₹3,00,001 – ₹6,00,0005%
₹6,00,001 – ₹9,00,00010%
₹9,00,001 – ₹12,00,00015%
₹12,00,001 – ₹15,00,00020%
₹15,00,000 से ऊपर30%

+ ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल • ₹7.75 लाख टैक्सेबल इनकम तक धारा 87A के तहत रिबेट।

वास्तविक उदाहरण (अप्रैल 2026)

₹8 लाख CTC
≈ ₹54,200 / महीना
₹12 लाख CTC
≈ ₹79,800 / महीना
₹20 लाख CTC
≈ ₹1,28,500 / महीना

राज्यों के अनुसार प्रोफेशनल टैक्स (PT)

राज्य (State)मासिक कटौतीवार्षिक कटौती
महाराष्ट्र (Maharashtra)₹200₹2,500*
कर्नाटक (Karnataka)₹200₹2,400
तमिलनाडु (Tamil Nadu)₹200₹2,400
पश्चिम बंगाल (West Bengal)₹200₹2,400
अन्य राज्य (जैसे दिल्ली, हरियाणा)प्रोफेशनल टैक्स लागू नहीं है

*महाराष्ट्र में फरवरी महीने में ₹300 काटे जाते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण टैक्स और सैलरी टूल्स

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

CTC (Cost to Company) कंपनी द्वारा आप पर किया गया कुल खर्च है, जिसमें Employer PF, ग्रेच्युटी और बीमा शामिल है। इन-हैंड सैलरी वह पैसा है जो सभी कटौतियों (Employer PF, Employee PF, TDS और प्रोफेशनल टैक्स) के बाद वास्तव में आपके बैंक खाते में आता है।

Fincado Research Team
Reviewed

This content is prepared and reviewed using RBI circulars, official lender disclosures, and current Indian tax references. Numbers are educational estimates, not personalized advice.

Last Reviewed

Apr 2026

Method

Source cross-check and periodic QA

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