EMI क्या है? (What is EMI?)
EMI (Equated Monthly Installment) वह निश्चित राशि है जो आप हर महीने बैंक को अपने लोन को चुकाने के लिए देते हैं। इसमें मूल राशि (Principal) और ब्याज (Interest) दोनों शामिल होते हैं।
भारतीय बैंक Reducing Balance Method का उपयोग करते हैं, जिसका अर्थ है कि ब्याज केवल बकाया राशि पर ही लगाया जाता है, पूरी राशि पर नहीं।
EMI को प्रभावित करने वाले कारक
- लोन राशि (Principal): जितनी बड़ी राशि, उतनी बड़ी EMI।
- ब्याज दर (Interest Rate): कम ब्याज दर का मतलब है कम मासिक बोझ। इसलिए हमेशा बैंकों की तुलना करें।
- अवधि (Tenure): लंबी अवधि चुनने से मासिक EMI कम हो जाती है, लेकिन बैंक को दिया जाने वाला कुल ब्याज काफी बढ़ जाता है।
EMI गणना का फॉर्मूला
बैंक निम्नलिखित गणितीय सूत्र का उपयोग करके आपकी किस्त तय करते हैं:
- E = EMI राशि
- P = मूल लोन राशि (Principal)
- r = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100)
- n = महीनों की संख्या (Tenure in months)